आज फिर हमने मन कि मानी, आँखों ने भी फिर कि बेईमानी,
लोग बातो को दिल पर लगा लेते है हमने तो बातो पर दिल लगाकर मानी, (हेमराजसिंह राजपूत)
No comments:
Post a Comment