Saturday, 30 December 2017

मुक्तक

रहे जो  याद सदियों तक मै ऐसी रीत बन जाऊँ,
तु मेरी  हार  बन जाये  मै तेरी  जीत  बन जाऊँ,
जमाना  प्रेम  ग्रंथों  मे  हमेशा  हमको  गाये  गा,
बनो तुम प्रेम की पाती तो मै एक गीत बन जाऊँ,

हेमराज

Thursday, 21 December 2017

मुक्तक

समय के साथ गुजरी वो कहानी छोड आया हूँ,
किसी के पास यादों की निशानी छोड आया हूँ,
कभी मुझको बुलाकर पास सीने से लगाया था
उन्हीं आँखों मे आंसू की रवानी छोड़ आया हूँ

Hemraj Singh Rajput🙏