Sunday, 30 July 2017


तुमसे मिलकर कोई, अब ख्वाइश न रही,
इस जमाने से कोई, अब आजमाइस न रही,

इस कदर प्यार तुमने किया मुझसे उम्र भर शिकायत की कोई अब गुंजाइश न रही,

   हेमराज राजपूत भोपाल 8357009549

Monday, 17 July 2017

गजल

🙏🏻 गुदगुदाती गजल🙏🏻

अब हमको भी मोहब्बत का इजहार होना चाहिए,
तीर जिगर के उस पार होना चाहिए,

बहुत रह लिए किसी के बिन अकेले-अकेले अब
अपना भी घर संसार होना चाहिए,

हर कोई देख पढ लेता है चेहरा हमारा हमको भी
अब अखबार होना चाहिए,

कि, बस एक नजर मे दिल चुरा लेते है हमको भी
ऐसो से अब खबरदार होना चाहिए,

सुना है, कि वो मोहब्बत मे बडे मकवूल है,यार उनको
तो मोहब्बत का अब इश्तेहार होना चाहिए,
      
   (हेमराजसिंह राजपूत)

Tuesday, 11 July 2017

मुक्तक

सोशल साईट पर ऐसी झूठी हमदर्दी न जताईए,
निर्दोषो कि जान गई है कोई ठोस कदम उठाईए,

बात आप बदला लेने कि करते हो
पहले जरा सैनिको कि बंदूको पर लगे
अंकुशो को हटाईए,
             ( हेमराजसिंह राजपूत)
अमरनाथ यात्रा मे मारे गए भक्तो को नमन पूर्वक श्राध्दांजली 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻💐💐💐💐