Sunday, 30 July 2017


तुमसे मिलकर कोई, अब ख्वाइश न रही,
इस जमाने से कोई, अब आजमाइस न रही,

इस कदर प्यार तुमने किया मुझसे उम्र भर शिकायत की कोई अब गुंजाइश न रही,

   हेमराज राजपूत भोपाल 8357009549

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