Thursday, 21 December 2017

मुक्तक

समय के साथ गुजरी वो कहानी छोड आया हूँ,
किसी के पास यादों की निशानी छोड आया हूँ,
कभी मुझको बुलाकर पास सीने से लगाया था
उन्हीं आँखों मे आंसू की रवानी छोड़ आया हूँ

Hemraj Singh Rajput🙏

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