वो सुलगती आग को भी हवा देता था,
हर गुनाह मे भी वो गवाह देता था,
उसमे ओर मुझमें बस फर्क था इतना
वो दर्द कि दवां देता था मै दर्द को
दवा देता था,
(हेमराजसिंह राजपूत)
www Hemrajsingh rajput love sad poems com
हर गुनाह मे भी वो गवाह देता था,
उसमे ओर मुझमें बस फर्क था इतना
वो दर्द कि दवां देता था मै दर्द को
दवा देता था,
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