आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय मे फ्रेशर पार्टि के द्वौरान ए क हास्य गीत की प्रस्तुति गीत का शीर्षक -शर्म का गहना
शर्म का गहना,पहन के आना,ओमेरी जाने जाना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है,पुरे रस्मो रिवाजों मे आना, नैन झुकाय घुंघट डाले मन ही मन जो शर्माए, ऐसी नई नवेली दुल्हन मेरे जीवन मे आ जाए, न आधुनिक नारी न फैशनेवल नारी रुप मे आना, आना तो केवल भारतीय नारी रुप मे आना, मेरे जीवन मे तुम सीता सावित्री रुप मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पुरे रस्मो रिवाजों मे आना, व्हाटसएप, अव्हाटसएप,फेसबुक ,एसवुक, चलाने की न उसे विमारी हो, घर गृहस्थी के सारे काम काज करने कि उसमें अदाकारी हो, A G,O G, सुनो जी ही मुझे कहकर बुलाए, जीवन के सारे कष्टों को वो सह सह कर भुलाए, लाल जोडा पहने पुरे प्रेम भरे मिजाजो मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पूरे रस्मो रिवाजों मे आना, मेरे मात-पिता को वो भगवानो सा पूजे, इसके अलावा कोई ओर बात उसे न सुजे, सातो फेरो के वो सातो वचन निभाना जाने, मेरे नाम से ही उसको सारा जमाना जाने, मेरे सुखमय जीवन मे तुम पूरे भारतीय संस्कारों मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पूरे रस्मो रिवाजों मे आना, मुझ कवि को भी ऐसे पढे कोई कवियत्रि , ।जैसे पँडितजी पढे कोई जन्म पत्रि, मेरे वेरँग सपनो मे जो रँग भर दे, इतना प्रेम करे जो मुझको तंग कर दे, सब गुणों से परिपक्व मिश्रित रुप मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पूरे रस्मो रिवाजों मे आना, (लेखक~हेमराजसिंह )
शर्म का गहना,पहन के आना,ओमेरी जाने जाना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है,पुरे रस्मो रिवाजों मे आना, नैन झुकाय घुंघट डाले मन ही मन जो शर्माए, ऐसी नई नवेली दुल्हन मेरे जीवन मे आ जाए, न आधुनिक नारी न फैशनेवल नारी रुप मे आना, आना तो केवल भारतीय नारी रुप मे आना, मेरे जीवन मे तुम सीता सावित्री रुप मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पुरे रस्मो रिवाजों मे आना, व्हाटसएप, अव्हाटसएप,फेसबुक ,एसवुक, चलाने की न उसे विमारी हो, घर गृहस्थी के सारे काम काज करने कि उसमें अदाकारी हो, A G,O G, सुनो जी ही मुझे कहकर बुलाए, जीवन के सारे कष्टों को वो सह सह कर भुलाए, लाल जोडा पहने पुरे प्रेम भरे मिजाजो मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पूरे रस्मो रिवाजों मे आना, मेरे मात-पिता को वो भगवानो सा पूजे, इसके अलावा कोई ओर बात उसे न सुजे, सातो फेरो के वो सातो वचन निभाना जाने, मेरे नाम से ही उसको सारा जमाना जाने, मेरे सुखमय जीवन मे तुम पूरे भारतीय संस्कारों मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पूरे रस्मो रिवाजों मे आना, मुझ कवि को भी ऐसे पढे कोई कवियत्रि , ।जैसे पँडितजी पढे कोई जन्म पत्रि, मेरे वेरँग सपनो मे जो रँग भर दे, इतना प्रेम करे जो मुझको तंग कर दे, सब गुणों से परिपक्व मिश्रित रुप मे आना, ये दिल मेरा हिन्दुस्तानी है पूरे रस्मो रिवाजों मे आना, (लेखक~हेमराजसिंह )
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